Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.32.36: राजन! जिस प्रकार अच्छा घोड़ा चाबुक की मार सहन नहीं कर सकता, उसी प्रकार शब्दों की मार से बार-बार पीड़ित होने के कारण दुर्योधन युधिष्ठिर की बात सहन नहीं कर सका। | mahabharat अध्याय 9.32: युधिष्ठिरके कहनेसे दुर्योधनका तालाबसे बाहर होकर किसी एक पाण्डवके साथ गदायुद्धके लिये तैयार होना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! जिस प्रकार अच्छा घोड़ा चाबुक की मार सहन नहीं कर सकता, उसी प्रकार शब्दों की मार से बार-बार पीड़ित होने के कारण दुर्योधन युधिष्ठिर की बात सहन नहीं कर सका।
King! Just as a good horse cannot bear the beating of a whip, similarly Duryodhan, being tormented again and again by the whip of words, could not tolerate what Yudhishthira said.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥