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mahabharat 9.32.25-26h: यदि तुम युद्धभूमि में हम सब से एक-एक करके लड़ना चाहते हो, तो ऐसा ही करो। जो भी शस्त्र चाहो, ले लो और हम सब से लड़ो। हम सब दर्शक बनकर खड़े रहेंगे।॥ 25 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 9.32: युधिष्ठिरके कहनेसे दुर्योधनका तालाबसे बाहर होकर किसी एक पाण्डवके साथ गदायुद्धके लिये तैयार होना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 32: युधिष्ठिरके कहनेसे दुर्योधनका तालाबसे बाहर होकर किसी एक पाण्डवके साथ गदायुद्धके लिये तैयार होना  »  श्लोक 25-26h
 
 
श्लोक  9.32.25-26h 
यस्त्वमेको हि न: सर्वान् संगरे योद्‍धुमिच्छसि।
एक एकेन संगम्य यत् ते सम्मतमायुधम्॥ २५॥
तत् त्वमादाय युध्यस्व प्रेक्षकास्ते वयं स्थिता:।
 
 
अनुवाद
यदि तुम युद्धभूमि में हम सब से एक-एक करके लड़ना चाहते हो, तो ऐसा ही करो। जो भी शस्त्र चाहो, ले लो और हम सब से लड़ो। हम सब दर्शक बनकर खड़े रहेंगे।॥ 25 1/2॥
 
If you want to fight all of us on the battlefield, one by one, then so be it. Take whatever weapon you like and fight each one of us. We will all stand as spectators.॥ 25 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)