Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.32.13: किसी मनुष्य को युद्ध के लिए विवश करना उचित नहीं है, विशेषतः उस मनुष्य को जो कवच नहीं पहने है, थका हुआ है, संकट में पड़ा है और बुरी तरह घायल है, तथा जिसके वाहन और सैनिक भी थके हुए हैं।॥13॥ | mahabharat अध्याय 9.32: युधिष्ठिरके कहनेसे दुर्योधनका तालाबसे बाहर होकर किसी एक पाण्डवके साथ गदायुद्धके लिये तैयार होना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
किसी मनुष्य को युद्ध के लिए विवश करना उचित नहीं है, विशेषतः उस मनुष्य को जो कवच नहीं पहने है, थका हुआ है, संकट में पड़ा है और बुरी तरह घायल है, तथा जिसके वाहन और सैनिक भी थके हुए हैं।॥13॥
It is not fair to force a person to fight, especially one who is not wearing armour, is tired, in trouble and is severely wounded, and whose vehicles and soldiers are also tired.॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥