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mahabharat 9.32.12: युधिष्ठिर! तुम सब लोग एक-एक करके मेरे साथ युद्ध करो। युद्ध में एक व्यक्ति को अनेक वीर योद्धाओं के साथ युद्ध करने के लिए विवश करना उचित नहीं है॥12॥   |   mahabharat अध्याय 9.32: युधिष्ठिरके कहनेसे दुर्योधनका तालाबसे बाहर होकर किसी एक पाण्डवके साथ गदायुद्धके लिये तैयार होना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.32.12 
एकैकेन तु मां यूयं योधयध्वं युधिष्ठिर।
न ह्येको बहुभिर्वीरैर्न्याय्यो योधयितुं युधि॥ १२॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर! तुम सब लोग एक-एक करके मेरे साथ युद्ध करो। युद्ध में एक व्यक्ति को अनेक वीर योद्धाओं के साथ युद्ध करने के लिए विवश करना उचित नहीं है॥12॥
 
Yudhishthira! You all fight with me one by one. It is not fair to force one person to fight with many brave warriors in a war.॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)