Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.32.11: तुम्हारी संख्या अधिक है। तुमने रथ पर बैठकर तथा नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्र धारण करके मुझे घेर लिया है। फिर मैं तुम्हारे साथ पैदल और बिना अस्त्र के अकेला कैसे युद्ध कर सकता हूँ?॥ 11॥ | mahabharat अध्याय 9.32: युधिष्ठिरके कहनेसे दुर्योधनका तालाबसे बाहर होकर किसी एक पाण्डवके साथ गदायुद्धके लिये तैयार होना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तुम्हारी संख्या अधिक है। तुमने रथ पर बैठकर तथा नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्र धारण करके मुझे घेर लिया है। फिर मैं तुम्हारे साथ पैदल और बिना अस्त्र के अकेला कैसे युद्ध कर सकता हूँ?॥ 11॥
‘Your numbers are greater. You have surrounded me while sitting on a chariot and carrying various kinds of weapons. Then how can I fight with you alone on foot and without weapons?॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥