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mahabharat 9.31.6-7h: भगवान श्रीकृष्ण ने कहा - हे भारत! मायावी दुर्योधन की इस माया को माया से ही नष्ट कर दो! युधिष्ठिर! मायावी को माया से ही मारना चाहिए, यही सच्ची नीति है। 6 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 9.31: पाण्डवोंका द्वैपायनसरोवरपर जाना, वहाँ युधिष्ठिर और श्रीकृष्णकी बातचीत तथा तालाबमें छिपे हुए दुर्योधनके साथ युधिष्ठिरका संवाद   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 31: पाण्डवोंका द्वैपायनसरोवरपर जाना, वहाँ युधिष्ठिर और श्रीकृष्णकी बातचीत तथा तालाबमें छिपे हुए दुर्योधनके साथ युधिष्ठिरका संवाद  »  श्लोक 6-7h
 
 
श्लोक  9.31.6-7h 
वासुदेव उवाच
मायाविन इमां मायां मायया जहि भारत॥ ६॥
मायावी मायया वध्य: सत्यमेतद् युधिष्ठिर।
 
 
अनुवाद
भगवान श्रीकृष्ण ने कहा - हे भारत! मायावी दुर्योधन की इस माया को माया से ही नष्ट कर दो! युधिष्ठिर! मायावी को माया से ही मारना चाहिए, यही सच्ची नीति है। 6 1/2॥
 
Lord Shri Krishna said – India! Destroy this illusion of the elusive Duryodhana through Maya itself! Yudhisthira! Mayavi should be killed with illusion only, this is the true policy. 6 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)