Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.31.59-60h: अब आप स्वयं इस पृथ्वी के स्वामी नहीं रहे, फिर आप इसे दान कैसे करना चाहते हैं? हे राजन! जब हम कुल में शांति बनाए रखने के लिए धर्मानुसार अपना राज्य मांग रहे थे, तब आपने उसी समय हमें यह पृथ्वी क्यों नहीं दे दी? 59 1/2 | mahabharat अध्याय 9.31: पाण्डवोंका द्वैपायनसरोवरपर जाना, वहाँ युधिष्ठिर और श्रीकृष्णकी बातचीत तथा तालाबमें छिपे हुए दुर्योधनके साथ युधिष्ठिरका संवाद । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अब आप स्वयं इस पृथ्वी के स्वामी नहीं रहे, फिर आप इसे दान कैसे करना चाहते हैं? हे राजन! जब हम कुल में शांति बनाए रखने के लिए धर्मानुसार अपना राज्य मांग रहे थे, तब आपने उसी समय हमें यह पृथ्वी क्यों नहीं दे दी? 59 1/2
Now you yourself are no longer the owner of this earth; then how do you wish to donate it? O King! When we were demanding our own kingdom according to Dharma to maintain peace in the clan, why did you not give us this earth at that time itself? 59 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥