श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 31: पाण्डवोंका द्वैपायनसरोवरपर जाना, वहाँ युधिष्ठिर और श्रीकृष्णकी बातचीत तथा तालाबमें छिपे हुए दुर्योधनके साथ युधिष्ठिरका संवाद  »  श्लोक 54
 
 
श्लोक  9.31.54 
संजय उवाच
दुर्योधनं तव सुतं सलिलस्थं महायशा:।
श्रुत्वा तु करुणं वाक्यमभाषत युधिष्ठिर:॥ ५४॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं- राजन! उन करुणामय वचनों को सुनकर महाबली युधिष्ठिर ने जल में स्थित आपके पुत्र दुर्योधन से इस प्रकार कहा॥54॥
 
Sanjay says- Rajan! The great Yudhishthira, hearing those compassionate words, said thus to your son Duryodhana, who was situated in the water. 54॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)