श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 31: पाण्डवोंका द्वैपायनसरोवरपर जाना, वहाँ युधिष्ठिर और श्रीकृष्णकी बातचीत तथा तालाबमें छिपे हुए दुर्योधनके साथ युधिष्ठिरका संवाद  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  9.31.41 
त्वं चाश्वसिहि कौन्तेय ये चाप्यनुगतास्तव।
अहमुत्थाय व: सर्वान् प्रतियोत्स्यामि संयुगे॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
हे कुन्तीपुत्र! तुम भी विश्राम करो। तुम्हारे अनुयायी भी विश्राम करें। फिर मैं उठकर तुम सबके साथ रणभूमि में युद्ध करूँगा॥ 41॥
 
O son of Kunti, you too take some rest. Your followers should also rest. Then I will get up and fight with all of you in the battlefield.॥ 41॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)