श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 31: पाण्डवोंका द्वैपायनसरोवरपर जाना, वहाँ युधिष्ठिर और श्रीकृष्णकी बातचीत तथा तालाबमें छिपे हुए दुर्योधनके साथ युधिष्ठिरका संवाद  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  9.31.37 
संजय उवाच
एवमुक्तो महाराज धर्मपुत्रेण धीमता।
सलिलस्थस्तव सुत इदं वचनमब्रवीत्॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - महाराज! जब बुद्धिमान धर्मपुत्र युधिष्ठिर ने ऐसा कहा, तब जल के भीतर स्थित आपके पुत्र ने भी ऐसा ही कहा।
 
Sanjaya says - Maharaj! When the wise Dharmaputra Yudhishthira said this, your son, who was situated inside the water, said this.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)