श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 31: पाण्डवोंका द्वैपायनसरोवरपर जाना, वहाँ युधिष्ठिर और श्रीकृष्णकी बातचीत तथा तालाबमें छिपे हुए दुर्योधनके साथ युधिष्ठिरका संवाद  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  9.31.36 
एष ते परमो धर्म: सृष्टो धात्रा महात्मना।
तं कुरुष्व यथातथ्यं राजा भव महारथ॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
ब्रह्माजी ने तुम्हारे लिए यही उत्तम धर्म बनाया है। उसी धर्म का यथार्थ रूप में पालन करो। हे पराक्रमी योद्धा! साक्षात् राजा बनो (राजा का पराक्रम प्रदर्शित करो)॥36॥
 
Lord Brahma has made this the best religion for you. Follow that religion in its true form. O mighty warrior! Become a king in reality (display the might of a king)'॥ 36॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)