Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.31.29-30: अतः अपने भय को दूर कर, उठ और युद्ध कर । सुयोधन ! अपने भाइयों और सम्पूर्ण सेना को मारकर क्षत्रिय धर्म का आश्रय लेने वाले तुम्हारे समान पुरुष को इस समय धर्म की स्थापना की इच्छा से केवल अपने प्राणों की रक्षा का ही चिन्तन नहीं करना चाहिए । 29-30॥ | mahabharat अध्याय 9.31: पाण्डवोंका द्वैपायनसरोवरपर जाना, वहाँ युधिष्ठिर और श्रीकृष्णकी बातचीत तथा तालाबमें छिपे हुए दुर्योधनके साथ युधिष्ठिरका संवाद । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अतः अपने भय को दूर कर, उठ और युद्ध कर । सुयोधन ! अपने भाइयों और सम्पूर्ण सेना को मारकर क्षत्रिय धर्म का आश्रय लेने वाले तुम्हारे समान पुरुष को इस समय धर्म की स्थापना की इच्छा से केवल अपने प्राणों की रक्षा का ही चिन्तन नहीं करना चाहिए । 29-30॥
So remove your fear, get up and fight. Suyodhana! A man like you, who has taken refuge in Kshatriya religion after killing his brothers and the entire army, should not at this time think only of saving his life with the desire to establish religion. 29-30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥