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mahabharat 9.31.18-19: प्रजानाथ सुयोधन! तुमने जल में यह अनुष्ठान क्यों आरम्भ किया है? समस्त क्षत्रियों तथा अपने कुल का संहार करके तुम प्राण बचाने के लिए जल में प्रवेश कर गए हो। राजा सुयोधन! उठो और हमसे युद्ध करो।॥18-19॥   |   mahabharat अध्याय 9.31: पाण्डवोंका द्वैपायनसरोवरपर जाना, वहाँ युधिष्ठिर और श्रीकृष्णकी बातचीत तथा तालाबमें छिपे हुए दुर्योधनके साथ युधिष्ठिरका संवाद   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 31: पाण्डवोंका द्वैपायनसरोवरपर जाना, वहाँ युधिष्ठिर और श्रीकृष्णकी बातचीत तथा तालाबमें छिपे हुए दुर्योधनके साथ युधिष्ठिरका संवाद  »  श्लोक 18-19
 
 
श्लोक  9.31.18-19 
सुयोधन किमर्थोऽयमारम्भोऽप्सु कृतस्त्वया।
सर्वं क्षत्रं घातयित्वा स्वकुलं च विशाम्पते॥ १८॥
जलाशयं प्रविष्टोऽद्य वाञ्छञ्जीवितमात्मन:।
उत्तिष्ठ राजन् युध्यस्व सहास्माभि: सुयोधन॥ १९॥
 
 
अनुवाद
प्रजानाथ सुयोधन! तुमने जल में यह अनुष्ठान क्यों आरम्भ किया है? समस्त क्षत्रियों तथा अपने कुल का संहार करके तुम प्राण बचाने के लिए जल में प्रवेश कर गए हो। राजा सुयोधन! उठो और हमसे युद्ध करो।॥18-19॥
 
‘Prajanaath Suyodhan! Why have you started this ritual in water? After killing all the Kshatriyas and your clan, you have entered the water body to save your life. King Suyodhan! Get up and fight with us.॥ 18-19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)