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mahabharat 9.30.7-8h: वह हाथ में गदा लेकर बहुत तेजी से दौड़ा और अपने जादू से उसने पानी रोक दिया और झील में प्रवेश किया।   |   mahabharat अध्याय 9.30: अश्वत्थामा, कृतवर्मा और कृपाचार्यका सरोवरपर जाकर दुर्योधनसे युद्ध करनेके विषयमें बातचीत करना, व्याधोंसे दुर्योधनका पता पाकर युधिष्ठिरका सेनासहित सरोवरपर जाना और कृपाचार्य आदिका दूर हट जाना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 30: अश्वत्थामा, कृतवर्मा और कृपाचार्यका सरोवरपर जाकर दुर्योधनसे युद्ध करनेके विषयमें बातचीत करना, व्याधोंसे दुर्योधनका पता पाकर युधिष्ठिरका सेनासहित सरोवरपर जाना और कृपाचार्य आदिका दूर हट जाना  »  श्लोक 7-8h
 
 
श्लोक  9.30.7-8h 
स हि तीव्रेण वेगेन गदापाणिरपाक्रमत्॥ ७॥
तं ह्रदं प्राविशच्चापि विष्टभ्याप: स्वमायया।
 
 
अनुवाद
वह हाथ में गदा लेकर बहुत तेजी से दौड़ा और अपने जादू से उसने पानी रोक दिया और झील में प्रवेश किया।
 
He ran very fast with his mace in his hand and by his magic he stopped the water and entered the lake. 7 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)