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mahabharat 9.30.63: महाराज! राजा की अनुमति लेकर कृपाचार्य आदि महारथी महान शोक में डूबे हुए वहाँ से चले गये।   |   mahabharat अध्याय 9.30: अश्वत्थामा, कृतवर्मा और कृपाचार्यका सरोवरपर जाकर दुर्योधनसे युद्ध करनेके विषयमें बातचीत करना, व्याधोंसे दुर्योधनका पता पाकर युधिष्ठिरका सेनासहित सरोवरपर जाना और कृपाचार्य आदिका दूर हट जाना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 30: अश्वत्थामा, कृतवर्मा और कृपाचार्यका सरोवरपर जाकर दुर्योधनसे युद्ध करनेके विषयमें बातचीत करना, व्याधोंसे दुर्योधनका पता पाकर युधिष्ठिरका सेनासहित सरोवरपर जाना और कृपाचार्य आदिका दूर हट जाना  »  श्लोक 63
 
 
श्लोक  9.30.63 
ते त्वनुज्ञाप्य राजानं भृशं शोकपरायणा:।
जग्मुर्दूरे महाराज कृपप्रभृतयो रथा:॥ ६३॥
 
 
अनुवाद
महाराज! राजा की अनुमति लेकर कृपाचार्य आदि महारथी महान शोक में डूबे हुए वहाँ से चले गये।
 
Maharaj! After taking the King's permission, the great warriors like Kripacharya etc., immersed in great grief, went away from there. 63.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)