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mahabharat 9.30.62: उन महारथियों की बातें सुनकर दुर्योधन ने कहा, 'ऐसा ही हो' और अपनी माया से उसने पुनः सरोवर का जल स्थिर कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 9.30: अश्वत्थामा, कृतवर्मा और कृपाचार्यका सरोवरपर जाकर दुर्योधनसे युद्ध करनेके विषयमें बातचीत करना, व्याधोंसे दुर्योधनका पता पाकर युधिष्ठिरका सेनासहित सरोवरपर जाना और कृपाचार्य आदिका दूर हट जाना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 30: अश्वत्थामा, कृतवर्मा और कृपाचार्यका सरोवरपर जाकर दुर्योधनसे युद्ध करनेके विषयमें बातचीत करना, व्याधोंसे दुर्योधनका पता पाकर युधिष्ठिरका सेनासहित सरोवरपर जाना और कृपाचार्य आदिका दूर हट जाना  »  श्लोक 62
 
 
श्लोक  9.30.62 
दुर्योधनस्तु तच्छ्रुत्वा तेषां तत्र तरस्विनाम्।
तथेत्युक्त्वा ह्रदं तं वै माययास्तम्भयत् प्रभो॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
उन महारथियों की बातें सुनकर दुर्योधन ने कहा, 'ऐसा ही हो' और अपनी माया से उसने पुनः सरोवर का जल स्थिर कर दिया।
 
On hearing the words of those mighty warriors, Duryodhana said 'So be it' and again by his illusion made the water of the lake still.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)