Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.30.50-53h: भरत! उस समय अर्जुन, भीमसेन, माद्रीपुत्र पाण्डुपुत्र नकुल और सहदेव, पांचालराज धृष्टद्युम्न, अपराजित वीर शिखण्डी, उत्तमौजा, युधमन्यु, महारथी सात्यकि, द्रौपदी के पाँचों पुत्र तथा पांचालों में बचे हुए वीर दुर्योधन को पकड़ने की इच्छा से, अपने-अपने वाहन थके होने पर भी, बड़ी शीघ्रता से राजा युधिष्ठिर के पीछे चल पड़े। उनके साथ समस्त घुड़सवार, हाथीसवार और सैकड़ों पैदल सैनिक भी थे। | mahabharat अध्याय 9.30: अश्वत्थामा, कृतवर्मा और कृपाचार्यका सरोवरपर जाकर दुर्योधनसे युद्ध करनेके विषयमें बातचीत करना, व्याधोंसे दुर्योधनका पता पाकर युधिष्ठिरका सेनासहित सरोवरपर जाना और कृपाचार्य आदिका दूर हट जाना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भरत! उस समय अर्जुन, भीमसेन, माद्रीपुत्र पाण्डुपुत्र नकुल और सहदेव, पांचालराज धृष्टद्युम्न, अपराजित वीर शिखण्डी, उत्तमौजा, युधमन्यु, महारथी सात्यकि, द्रौपदी के पाँचों पुत्र तथा पांचालों में बचे हुए वीर दुर्योधन को पकड़ने की इच्छा से, अपने-अपने वाहन थके होने पर भी, बड़ी शीघ्रता से राजा युधिष्ठिर के पीछे चल पड़े। उनके साथ समस्त घुड़सवार, हाथीसवार और सैकड़ों पैदल सैनिक भी थे।
Bharata! At that time Arjuna, Bhimasena, Madri's son Pandu's son Nakula and Sahadeva, Panchala's prince Dhrishtadyumna, the undefeated hero Shikhandi, Uttamaujas, Yudhmanyu, the great warrior Satyaki, Draupadi's five sons and those who survived among the Panchalas, with the desire to capture the brave Duryodhan, despite their vehicles being tired, followed King Yudhishthira in great haste. With them were all the horsemen, elephant riders and hundreds of infantry.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥