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mahabharat 9.30.48: सोमकविर हर्ष से भरकर युद्धभूमि में चारों ओर चिल्लाने लगे और कहने लगे, ‘धृतराष्ट्र का पापी पुत्र मिल गया है और उसे देख लिया गया है।’॥48॥   |   mahabharat अध्याय 9.30: अश्वत्थामा, कृतवर्मा और कृपाचार्यका सरोवरपर जाकर दुर्योधनसे युद्ध करनेके विषयमें बातचीत करना, व्याधोंसे दुर्योधनका पता पाकर युधिष्ठिरका सेनासहित सरोवरपर जाना और कृपाचार्य आदिका दूर हट जाना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 30: अश्वत्थामा, कृतवर्मा और कृपाचार्यका सरोवरपर जाकर दुर्योधनसे युद्ध करनेके विषयमें बातचीत करना, व्याधोंसे दुर्योधनका पता पाकर युधिष्ठिरका सेनासहित सरोवरपर जाना और कृपाचार्य आदिका दूर हट जाना  »  श्लोक 48
 
 
श्लोक  9.30.48 
ज्ञात: पापो धार्तराष्ट्रो दृष्टश्चेत्यसकृद्रणे।
प्राक्रोशन् सोमकास्तत्र हृष्टरूपा: समन्तत:॥ ४८॥
 
 
अनुवाद
सोमकविर हर्ष से भरकर युद्धभूमि में चारों ओर चिल्लाने लगे और कहने लगे, ‘धृतराष्ट्र का पापी पुत्र मिल गया है और उसे देख लिया गया है।’॥48॥
 
Somkavir, filled with joy, began to shout all over the battlefield, saying, 'The sinful son of Dhritarashtra has been found and seen.'॥ 48॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)