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mahabharat 9.30.38: उन गुप्तचरों की बातें सुनकर राजा युधिष्ठिर अत्यन्त चिन्तित हो गये और गहरी साँसें लेने लगे।   |   mahabharat अध्याय 9.30: अश्वत्थामा, कृतवर्मा और कृपाचार्यका सरोवरपर जाकर दुर्योधनसे युद्ध करनेके विषयमें बातचीत करना, व्याधोंसे दुर्योधनका पता पाकर युधिष्ठिरका सेनासहित सरोवरपर जाना और कृपाचार्य आदिका दूर हट जाना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 30: अश्वत्थामा, कृतवर्मा और कृपाचार्यका सरोवरपर जाकर दुर्योधनसे युद्ध करनेके विषयमें बातचीत करना, व्याधोंसे दुर्योधनका पता पाकर युधिष्ठिरका सेनासहित सरोवरपर जाना और कृपाचार्य आदिका दूर हट जाना  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  9.30.38 
तेषां तद् वचनं श्रुत्वा चाराणां भरतर्षभ।
चिन्तामभ्यगमत् तीव्रां नि:शश्वास च पार्थिव:॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
उन गुप्तचरों की बातें सुनकर राजा युधिष्ठिर अत्यन्त चिन्तित हो गये और गहरी साँसें लेने लगे।
 
On hearing the words of those spies, King Yudhishthira became deeply worried and started taking deep breaths. 38.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)