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mahabharat 9.30.34: इस प्रकार आपस में बातें करके धन की इच्छा रखने वाले शिकारी बहुत प्रसन्न हुए और मांस का भार उठाकर पाण्डव शिविर की ओर चल पड़े।   |   mahabharat अध्याय 9.30: अश्वत्थामा, कृतवर्मा और कृपाचार्यका सरोवरपर जाकर दुर्योधनसे युद्ध करनेके विषयमें बातचीत करना, व्याधोंसे दुर्योधनका पता पाकर युधिष्ठिरका सेनासहित सरोवरपर जाना और कृपाचार्य आदिका दूर हट जाना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 30: अश्वत्थामा, कृतवर्मा और कृपाचार्यका सरोवरपर जाकर दुर्योधनसे युद्ध करनेके विषयमें बातचीत करना, व्याधोंसे दुर्योधनका पता पाकर युधिष्ठिरका सेनासहित सरोवरपर जाना और कृपाचार्य आदिका दूर हट जाना  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  9.30.34 
एवमुक्त्वा तु ते व्याधा: सम्प्रहृष्टा धनार्थिन:।
मांसभारानुपादाय प्रययु: शिबिरं प्रति॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार आपस में बातें करके धन की इच्छा रखने वाले शिकारी बहुत प्रसन्न हुए और मांस का भार उठाकर पाण्डव शिविर की ओर चल पड़े।
 
After talking to each other in this manner, the hunters, who desired wealth, became very happy and carrying the load of meat, they proceeded towards the Pandava camp.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)