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mahabharat 9.30.29: राजन! उस समय पाण्डुपुत्र की कही हुई बात को स्मरण करके वे व्याध आपस में धीरे से बोले-॥29॥   |   mahabharat अध्याय 9.30: अश्वत्थामा, कृतवर्मा और कृपाचार्यका सरोवरपर जाकर दुर्योधनसे युद्ध करनेके विषयमें बातचीत करना, व्याधोंसे दुर्योधनका पता पाकर युधिष्ठिरका सेनासहित सरोवरपर जाना और कृपाचार्य आदिका दूर हट जाना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 30: अश्वत्थामा, कृतवर्मा और कृपाचार्यका सरोवरपर जाकर दुर्योधनसे युद्ध करनेके विषयमें बातचीत करना, व्याधोंसे दुर्योधनका पता पाकर युधिष्ठिरका सेनासहित सरोवरपर जाना और कृपाचार्य आदिका दूर हट जाना  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  9.30.29 
ततस्ते पाण्डुपुत्रस्य स्मृत्वा तद् भाषितं तदा।
अन्योन्यमब्रुवन् राजन् मृगव्याधा: शनैरिव॥ २९॥
 
 
अनुवाद
राजन! उस समय पाण्डुपुत्र की कही हुई बात को स्मरण करके वे व्याध आपस में धीरे से बोले-॥29॥
 
King! At that time, remembering what the son of Pandu had said, those hunters spoke softly amongst themselves -॥ 29॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)