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mahabharat 9.30.25: यद्यपि कुरुराज दुर्योधन युद्ध नहीं चाहता था, फिर भी युद्ध की इच्छा रखने वाले सभी महाधनुर्धर उससे युद्ध करने के लिए आग्रह कर रहे थे॥ 25॥   |   mahabharat अध्याय 9.30: अश्वत्थामा, कृतवर्मा और कृपाचार्यका सरोवरपर जाकर दुर्योधनसे युद्ध करनेके विषयमें बातचीत करना, व्याधोंसे दुर्योधनका पता पाकर युधिष्ठिरका सेनासहित सरोवरपर जाना और कृपाचार्य आदिका दूर हट जाना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 30: अश्वत्थामा, कृतवर्मा और कृपाचार्यका सरोवरपर जाकर दुर्योधनसे युद्ध करनेके विषयमें बातचीत करना, व्याधोंसे दुर्योधनका पता पाकर युधिष्ठिरका सेनासहित सरोवरपर जाना और कृपाचार्य आदिका दूर हट जाना  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  9.30.25 
तेऽपि सर्वे महेष्वासा अयुद्धार्थिनि कौरवे।
निर्बन्धं परमं चक्रुस्तदा वै युद्धकाङ्क्षिण:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
यद्यपि कुरुराज दुर्योधन युद्ध नहीं चाहता था, फिर भी युद्ध की इच्छा रखने वाले सभी महाधनुर्धर उससे युद्ध करने के लिए आग्रह कर रहे थे॥ 25॥
 
Even though the Kuru King Duryodhana did not want a war, all those great archers who desired a war were urging him to start the war.॥ 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)