Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.30.22: हे प्रभु! हे राजन! मैं आपसे सत्य कहता हूँ कि जब तक मैं समस्त पांचालों का वध न कर दूँगा, तब तक मैं अपना कवच नहीं उतारूँगा। मेरी बात ध्यानपूर्वक सुनिए।॥ 22॥ | mahabharat अध्याय 9.30: अश्वत्थामा, कृतवर्मा और कृपाचार्यका सरोवरपर जाकर दुर्योधनसे युद्ध करनेके विषयमें बातचीत करना, व्याधोंसे दुर्योधनका पता पाकर युधिष्ठिरका सेनासहित सरोवरपर जाना और कृपाचार्य आदिका दूर हट जाना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे प्रभु! हे राजन! मैं आपसे सत्य कहता हूँ कि जब तक मैं समस्त पांचालों का वध न कर दूँगा, तब तक मैं अपना कवच नहीं उतारूँगा। मेरी बात ध्यानपूर्वक सुनिए।॥ 22॥
Lord! O king! I am telling you the truth that I will not remove my armour until I kill all the Panchalas. Listen to my words carefully.'॥ 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥