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mahabharat 9.30.17: वीरों! युद्ध के प्रति आपका इतना उत्साह कोई आश्चर्य की बात नहीं है। आप सब मुझे बहुत प्यार करते हैं, लेकिन यह समय अपनी वीरता दिखाने का नहीं है।   |   mahabharat अध्याय 9.30: अश्वत्थामा, कृतवर्मा और कृपाचार्यका सरोवरपर जाकर दुर्योधनसे युद्ध करनेके विषयमें बातचीत करना, व्याधोंसे दुर्योधनका पता पाकर युधिष्ठिरका सेनासहित सरोवरपर जाना और कृपाचार्य आदिका दूर हट जाना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 30: अश्वत्थामा, कृतवर्मा और कृपाचार्यका सरोवरपर जाकर दुर्योधनसे युद्ध करनेके विषयमें बातचीत करना, व्याधोंसे दुर्योधनका पता पाकर युधिष्ठिरका सेनासहित सरोवरपर जाना और कृपाचार्य आदिका दूर हट जाना  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  9.30.17 
न त्वेतदद्भुतं वीरा यद् वो महदिदं मन:।
अस्मासु च परा भक्तिर्न तु काल: पराक्रमे॥ १७॥
 
 
अनुवाद
वीरों! युद्ध के प्रति आपका इतना उत्साह कोई आश्चर्य की बात नहीं है। आप सब मुझे बहुत प्यार करते हैं, लेकिन यह समय अपनी वीरता दिखाने का नहीं है।
 
Heroes! The great enthusiasm you have for the war is not surprising. You all love me a lot, but this is not the time to display your valour.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)