Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.30.12-14h: ‘प्रजानाथ दुर्योधन! भरतनन्दन! आपने पाण्डवों की सम्पूर्ण सेना का भी संहार कर दिया है। जो सैनिक वहाँ बचे हैं, वे भी बुरी तरह घायल हो गए हैं; अतः जब आप हमारे द्वारा सुरक्षित उन पर आक्रमण करेंगे, तो वे आपके वेग का सामना नहीं कर सकेंगे; अतः आप युद्ध के लिए तैयार हो जाइए।’॥12-13 1/2॥ | mahabharat अध्याय 9.30: अश्वत्थामा, कृतवर्मा और कृपाचार्यका सरोवरपर जाकर दुर्योधनसे युद्ध करनेके विषयमें बातचीत करना, व्याधोंसे दुर्योधनका पता पाकर युधिष्ठिरका सेनासहित सरोवरपर जाना और कृपाचार्य आदिका दूर हट जाना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तेषामपि बलं सर्वं हतं दुर्योधन त्वया॥ १२॥
प्रतिविद्धाश्च भूयिष्ठं ये शिष्टास्तत्र सैनिका:।
न ते वेगं विषहितुं शक्तास्तव विशाम्पते॥ १३॥
अस्माभिरपि गुप्तस्य तस्मादुत्तिष्ठ भारत।
अनुवाद
‘प्रजानाथ दुर्योधन! भरतनन्दन! आपने पाण्डवों की सम्पूर्ण सेना का भी संहार कर दिया है। जो सैनिक वहाँ बचे हैं, वे भी बुरी तरह घायल हो गए हैं; अतः जब आप हमारे द्वारा सुरक्षित उन पर आक्रमण करेंगे, तो वे आपके वेग का सामना नहीं कर सकेंगे; अतः आप युद्ध के लिए तैयार हो जाइए।’॥12-13 1/2॥
‘Prajanaath Duryodhan! Bharatanandan! You have also destroyed the entire army of the Pandavas. The soldiers who are left there are also badly injured; therefore, when you attack them protected by us, they will not be able to withstand your speed; therefore, you should get up for the war.’॥ 12-13 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥