Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.3.8: शाम को, सव्यसाची अर्जुन से पराजित होकर, हम सब शिविर में लौट आए। हमारी सेना के प्रमुख योद्धा मारे जा चुके थे। हम सब तीखे बाणों से घायल होकर विनाश के निकट पहुँच गए थे। | mahabharat अध्याय 9.3: कर्णके मारे जानेपर पाण्डवोंके भयसे कौरव-सेनाका पलायन, सामना करनेवाले पचीस हजार पैदलोंका भीमसेनद्वारा वध तथा दुर्योधनका अपने सैनिकोंको समझा-बुझाकर पुन: पाण्डवोंके साथ युद्धमें लगाना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शाम को, सव्यसाची अर्जुन से पराजित होकर, हम सब शिविर में लौट आए। हमारी सेना के प्रमुख योद्धा मारे जा चुके थे। हम सब तीखे बाणों से घायल होकर विनाश के निकट पहुँच गए थे।
In the evening, after being defeated by Savyasachi Arjuna, we all returned to the camp. The chief warriors of our army were killed. We all were wounded by sharp arrows and were close to destruction.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥