Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.3.7: अनाथ होने के कारण हमें एक रक्षक की ज़रूरत थी। हमारी हालत शेर से सताए गए हिरणों, टूटे सींग वाले बैलों और टूटे दाँत वाले साँपों जैसी थी। | mahabharat अध्याय 9.3: कर्णके मारे जानेपर पाण्डवोंके भयसे कौरव-सेनाका पलायन, सामना करनेवाले पचीस हजार पैदलोंका भीमसेनद्वारा वध तथा दुर्योधनका अपने सैनिकोंको समझा-बुझाकर पुन: पाण्डवोंके साथ युद्धमें लगाना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अनाथ होने के कारण हमें एक रक्षक की ज़रूरत थी। हमारी हालत शेर से सताए गए हिरणों, टूटे सींग वाले बैलों और टूटे दाँत वाले साँपों जैसी थी।
Being orphaned, we wanted a protector. Our condition was like that of deer harassed by a lion, bulls with broken horns and snakes whose teeth have been broken.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥