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श्लोक 9.3.61  |
युधिष्ठिरपुरोगांश्च सर्वसैन्येन पाण्डवान्।
अन्वधावन्महाराज पुत्रो दुर्योधनस्तव॥ ६१॥ |
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| अनुवाद |
| महाराज! उस समय आपके पुत्र दुर्योधन ने अपनी सारी सेना के साथ युधिष्ठिर और अन्य पाण्डवों पर आक्रमण कर दिया। |
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| Maharaj! At that time your son Duryodhana along with his entire army attacked Yudhishthira and other Pandavas. |
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इति श्रीमहाभारते शल्यपर्वणि कौरवसैन्यापयाने तृतीयोऽध्याय:॥ ३॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शल्यपर्वमें कौरवसेनाका पलायनविषयक तीसरा अध्याय पूरा हुआ॥ ३॥
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