श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 3: कर्णके मारे जानेपर पाण्डवोंके भयसे कौरव-सेनाका पलायन, सामना करनेवाले पचीस हजार पैदलोंका भीमसेनद्वारा वध तथा दुर्योधनका अपने सैनिकोंको समझा-बुझाकर पुन: पाण्डवोंके साथ युद्धमें लगाना  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  9.3.60 
तत: प्रववृते युद्धं पुनरेव सुदारुणम्।
तावकानां परेषां च देवासुररणोपमम्॥ ६०॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् आपके और शत्रु सैनिकों के बीच पुनः देवताओं और दानवों के समान भयंकर युद्ध आरम्भ हो गया।
 
Thereafter a fierce battle like that between gods and demons began again between you and the enemy's soldiers. 60.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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