श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 3: कर्णके मारे जानेपर पाण्डवोंके भयसे कौरव-सेनाका पलायन, सामना करनेवाले पचीस हजार पैदलोंका भीमसेनद्वारा वध तथा दुर्योधनका अपने सैनिकोंको समझा-बुझाकर पुन: पाण्डवोंके साथ युद्धमें लगाना  »  श्लोक 52-53h
 
 
श्लोक  9.3.52-53h 
स्वल्पं चैव बलं तेषां कृष्णौ च भृशविक्षतौ॥ ५२॥
यदि सर्वेऽत्र तिष्ठामो ध्रुवं नो विजयो भवेत्।
 
 
अनुवाद
पांडवों के पास अब थोड़ी सी ही सेना बची है और श्रीकृष्ण व अर्जुन भी बुरी तरह घायल हैं। अगर हम सब यहीं रहें तो हमारी जीत निश्चित है। 52 1/2।
 
‘The Pandavas have only a small army left and Shri Krishna and Arjuna are also badly injured. If we all stay here, we will definitely win. 52 1/2.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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