vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 9: शल्य पर्व
»
अध्याय 3: कर्णके मारे जानेपर पाण्डवोंके भयसे कौरव-सेनाका पलायन, सामना करनेवाले पचीस हजार पैदलोंका भीमसेनद्वारा वध तथा दुर्योधनका अपने सैनिकोंको समझा-बुझाकर पुन: पाण्डवोंके साथ युद्धमें लगाना
»
श्लोक 50-51h
श्लोक
9.3.50-51h
ततोऽवस्थाप्य राजेन्द्र कृतबुद्धिस्तवात्मज:॥ ५०॥
हर्षयन्निव तान् योधांस्ततो वचनमब्रवीत्।
अनुवाद
राजा! तब आपके पुत्र ने युद्ध करने के लिए दृढ़ निश्चय करके अपने सब सैनिकों को खड़ा कर दिया और उनका हर्ष बढ़ाते हुए कहा - ॥50 1/2॥
King! Then your son, determined to fight, made all his soldiers stand up and said, increasing their joy - ॥ 50 1/2 ॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd