Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.3.48-49h: दुर्योधन भी निर्भय होकर अपने बाणों से उन शत्रुओं का नाश करने लगा। वहाँ हमने आपके पुत्र का अद्भुत पराक्रम देखा कि समस्त पाण्डव मिलकर भी उसे पार करके आगे नहीं बढ़ सके। | mahabharat अध्याय 9.3: कर्णके मारे जानेपर पाण्डवोंके भयसे कौरव-सेनाका पलायन, सामना करनेवाले पचीस हजार पैदलोंका भीमसेनद्वारा वध तथा दुर्योधनका अपने सैनिकोंको समझा-बुझाकर पुन: पाण्डवोंके साथ युद्धमें लगाना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दुर्योधन भी निर्भय होकर अपने बाणों से उन शत्रुओं का नाश करने लगा। वहाँ हमने आपके पुत्र का अद्भुत पराक्रम देखा कि समस्त पाण्डव मिलकर भी उसे पार करके आगे नहीं बढ़ सके।
Duryodhan too, without any fear, started to destroy those enemies with his arrows. There we saw the amazing prowess of your son that even all the Pandavas together could not cross him and move ahead. 48 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥