श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 3: कर्णके मारे जानेपर पाण्डवोंके भयसे कौरव-सेनाका पलायन, सामना करनेवाले पचीस हजार पैदलोंका भीमसेनद्वारा वध तथा दुर्योधनका अपने सैनिकोंको समझा-बुझाकर पुन: पाण्डवोंके साथ युद्धमें लगाना  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  9.3.46 
ततो दुर्योधन: सर्वानाजुहावाथ पाण्डवान्।
युद्धाय भरतश्रेष्ठ देवानिव पुरा बलि:॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
हे भरतश्रेष्ठ! जैसे प्राचीन काल में राजा बलि ने देवताओं को युद्ध के लिए ललकारा था, उसी प्रकार दुर्योधन ने भी समस्त पाण्डवों को युद्ध के लिए बुलाया था॥46॥
 
Bharatshrestha! Just as in ancient times King Bali had challenged the gods for war, similarly Duryodhana called upon all the Pandavas. 46॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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