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mahabharat 9.3.45: हे प्रजानाथ! जब वे सब भाग गए, तब कुरुराज दुर्योधन ने शत्रुओं तथा अपनी सेनाओं पर आक्रमण किया।   |   mahabharat अध्याय 9.3: कर्णके मारे जानेपर पाण्डवोंके भयसे कौरव-सेनाका पलायन, सामना करनेवाले पचीस हजार पैदलोंका भीमसेनद्वारा वध तथा दुर्योधनका अपने सैनिकोंको समझा-बुझाकर पुन: पाण्डवोंके साथ युद्धमें लगाना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 3: कर्णके मारे जानेपर पाण्डवोंके भयसे कौरव-सेनाका पलायन, सामना करनेवाले पचीस हजार पैदलोंका भीमसेनद्वारा वध तथा दुर्योधनका अपने सैनिकोंको समझा-बुझाकर पुन: पाण्डवोंके साथ युद्धमें लगाना  »  श्लोक 45
 
 
श्लोक  9.3.45 
भज्यमानेषु सर्वेषु कुरुराजो विशाम्पते।
परेषामात्मनश्चैव सैन्ये ते समुपाद्रवत्॥ ४५॥
 
 
अनुवाद
हे प्रजानाथ! जब वे सब भाग गए, तब कुरुराज दुर्योधन ने शत्रुओं तथा अपनी सेनाओं पर आक्रमण किया।
 
O Prajanath! When all of them fled, the Kuru King Duryodhana attacked both the enemy and his own armies.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)