श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 3: कर्णके मारे जानेपर पाण्डवोंके भयसे कौरव-सेनाका पलायन, सामना करनेवाले पचीस हजार पैदलोंका भीमसेनद्वारा वध तथा दुर्योधनका अपने सैनिकोंको समझा-बुझाकर पुन: पाण्डवोंके साथ युद्धमें लगाना  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  9.3.40 
चेकितान: शिखण्डी च द्रौपदेयाश्च मारिष।
हत्वा त्वदीयं सुमहत् सैन्यं शङ्खानथाधमन्॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
माननीय महाराज! आपकी विशाल सेना का संहार करके चेकितान, शिखण्डी तथा द्रौपदी के पाँचों पुत्र शंख बजाने लगे।
 
Honorable King! After destroying your huge army, Chekitana, Shikhandi and the five sons of Draupadi started blowing their conches.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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