Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.3.38: जिनके रथ पर कबूतर के समान रंग के घोड़े जुते हुए थे और जिनकी उत्तम ध्वजा पर कचनार वृक्ष का चिह्न अंकित था, उन धृष्टद्युम्न को युद्धभूमि में उपस्थित देखकर आपके सैनिक भयभीत होकर भाग गये। | mahabharat अध्याय 9.3: कर्णके मारे जानेपर पाण्डवोंके भयसे कौरव-सेनाका पलायन, सामना करनेवाले पचीस हजार पैदलोंका भीमसेनद्वारा वध तथा दुर्योधनका अपने सैनिकोंको समझा-बुझाकर पुन: पाण्डवोंके साथ युद्धमें लगाना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिनके रथ पर कबूतर के समान रंग के घोड़े जुते हुए थे और जिनकी उत्तम ध्वजा पर कचनार वृक्ष का चिह्न अंकित था, उन धृष्टद्युम्न को युद्धभूमि में उपस्थित देखकर आपके सैनिक भयभीत होकर भाग गये।
On seeing Dhrishtadyumna, whose chariot was drawn by horses of pigeon-colour and whose excellent flag had the symbol of the Kachnar tree, present on the battlefield, your soldiers fled in fear.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥