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mahabharat 9.3.36: उस पैदल सेना को मारने के बाद, पांचाल योद्धा धृष्टद्युम्न, भीमसेन का नेतृत्व करते हुए, जल्द ही वहां उपस्थित हुए।   |   mahabharat अध्याय 9.3: कर्णके मारे जानेपर पाण्डवोंके भयसे कौरव-सेनाका पलायन, सामना करनेवाले पचीस हजार पैदलोंका भीमसेनद्वारा वध तथा दुर्योधनका अपने सैनिकोंको समझा-बुझाकर पुन: पाण्डवोंके साथ युद्धमें लगाना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 3: कर्णके मारे जानेपर पाण्डवोंके भयसे कौरव-सेनाका पलायन, सामना करनेवाले पचीस हजार पैदलोंका भीमसेनद्वारा वध तथा दुर्योधनका अपने सैनिकोंको समझा-बुझाकर पुन: पाण्डवोंके साथ युद्धमें लगाना  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  9.3.36 
हत्वा तत् पुरुषानीकं पञ्चालानां महारथ:।
भीमसेनं पुरस्कृत्य नचिरात् प्रत्यदृश्यत॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
उस पैदल सेना को मारने के बाद, पांचाल योद्धा धृष्टद्युम्न, भीमसेन का नेतृत्व करते हुए, जल्द ही वहां उपस्थित हुए।
 
After killing that infantry, the Panchala warrior Dhrishtadyumna, leading Bhimasena, soon appeared there.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)