श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 3: कर्णके मारे जानेपर पाण्डवोंके भयसे कौरव-सेनाका पलायन, सामना करनेवाले पचीस हजार पैदलोंका भीमसेनद्वारा वध तथा दुर्योधनका अपने सैनिकोंको समझा-बुझाकर पुन: पाण्डवोंके साथ युद्धमें लगाना  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  9.3.34 
कृष्णसारथिमायान्तं दृष्ट्वा श्वेतहयं रथम्।
अर्जुनं चापि योद्धारं त्वदीया: प्राद्रवन् भयात्॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
श्वेत घोड़ों से जुते हुए रथ को, सारथि श्रीकृष्ण को धारण किए हुए, और योद्धा अर्जुन को आते देखकर आपके सब सारथी भयभीत होकर भाग गए॥34॥
 
Seeing the chariot drawn by white horses, with Shri Krishna as the charioteer, and the warrior Arjuna approaching, all your charioteers fled in fear. ॥ 34॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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