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श्लोक 9.3.34  |
कृष्णसारथिमायान्तं दृष्ट्वा श्वेतहयं रथम्।
अर्जुनं चापि योद्धारं त्वदीया: प्राद्रवन् भयात्॥ ३४॥ |
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| अनुवाद |
| श्वेत घोड़ों से जुते हुए रथ को, सारथि श्रीकृष्ण को धारण किए हुए, और योद्धा अर्जुन को आते देखकर आपके सब सारथी भयभीत होकर भाग गए॥34॥ |
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| Seeing the chariot drawn by white horses, with Shri Krishna as the charioteer, and the warrior Arjuna approaching, all your charioteers fled in fear. ॥ 34॥ |
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