श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 3: कर्णके मारे जानेपर पाण्डवोंके भयसे कौरव-सेनाका पलायन, सामना करनेवाले पचीस हजार पैदलोंका भीमसेनद्वारा वध तथा दुर्योधनका अपने सैनिकोंको समझा-बुझाकर पुन: पाण्डवोंके साथ युद्धमें लगाना  »  श्लोक 29-30h
 
 
श्लोक  9.3.29-30h 
हत्वा तत् पुरुषानीकं भीम: सत्यपराक्रम:॥ २९॥
धृष्टद्युम्नं पुरस्कृत्य पुनस्तस्थौ महाबल:।
 
 
अनुवाद
उस पैदल सेना को मारकर महाबली भीमसेन ने धृष्टद्युम्न को आगे भेजकर पुनः युद्ध के लिए तैयार हो गये।
 
After killing that infantry, the mighty Bhimasena, sending Dhrishtadyumna ahead, once again prepared himself for the battle.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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