श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 3: कर्णके मारे जानेपर पाण्डवोंके भयसे कौरव-सेनाका पलायन, सामना करनेवाले पचीस हजार पैदलोंका भीमसेनद्वारा वध तथा दुर्योधनका अपने सैनिकोंको समझा-बुझाकर पुन: पाण्डवोंके साथ युद्धमें लगाना  »  श्लोक 28-29h
 
 
श्लोक  9.3.28-29h 
श्येनवद् व्यचरद् भीम: खड्गेन गदया तथा॥ २८॥
पञ्चविंशतिसाहस्रांस्तावकानां व्यपोथयत्।
 
 
अनुवाद
उस समय भीमसेन युद्धभूमि में बाज़ की तरह घूम रहे थे। उन्होंने अपनी तलवार और गदा से आपके उन पच्चीस हज़ार योद्धाओं को मार डाला।
 
At that time Bhimasena was roaming the battlefield like a hawk. He killed those twenty-five thousand warriors of yours with his sword and mace. 28 1/2.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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