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mahabharat 9.3.25-26h: वह सोने के पत्तों से जड़ी हुई एक विशाल गदा लेकर, बलवान यमराज के समान, उससे आपके समस्त सैनिकों का संहार करने लगा।   |   mahabharat अध्याय 9.3: कर्णके मारे जानेपर पाण्डवोंके भयसे कौरव-सेनाका पलायन, सामना करनेवाले पचीस हजार पैदलोंका भीमसेनद्वारा वध तथा दुर्योधनका अपने सैनिकोंको समझा-बुझाकर पुन: पाण्डवोंके साथ युद्धमें लगाना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 3: कर्णके मारे जानेपर पाण्डवोंके भयसे कौरव-सेनाका पलायन, सामना करनेवाले पचीस हजार पैदलोंका भीमसेनद्वारा वध तथा दुर्योधनका अपने सैनिकोंको समझा-बुझाकर पुन: पाण्डवोंके साथ युद्धमें लगाना  »  श्लोक 25-26h
 
 
श्लोक  9.3.25-26h 
जातरूपपरिच्छन्नां प्रगृह्य महतीं गदाम्॥ २५॥
न्यवधीत् तावकान् सर्वान् दण्डपाणिरिवान्तक:।
 
 
अनुवाद
वह सोने के पत्तों से जड़ी हुई एक विशाल गदा लेकर, बलवान यमराज के समान, उससे आपके समस्त सैनिकों का संहार करने लगा।
 
Taking a huge mace studded with gold leaves, like Yamaraja with a strong hand, he began killing all your soldiers with it. 25 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)