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mahabharat 9.3.22-23h: वे सभी योद्धा भी वीरतापूर्वक भीमसेन और धृष्टद्युम्न का सामना करने लगे। वहाँ उपस्थित अन्य अनेक योद्धा भीमसेन का नाम लेकर उन्हें चुनौती देने लगे।   |   mahabharat अध्याय 9.3: कर्णके मारे जानेपर पाण्डवोंके भयसे कौरव-सेनाका पलायन, सामना करनेवाले पचीस हजार पैदलोंका भीमसेनद्वारा वध तथा दुर्योधनका अपने सैनिकोंको समझा-बुझाकर पुन: पाण्डवोंके साथ युद्धमें लगाना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 3: कर्णके मारे जानेपर पाण्डवोंके भयसे कौरव-सेनाका पलायन, सामना करनेवाले पचीस हजार पैदलोंका भीमसेनद्वारा वध तथा दुर्योधनका अपने सैनिकोंको समझा-बुझाकर पुन: पाण्डवोंके साथ युद्धमें लगाना  »  श्लोक 22-23h
 
 
श्लोक  9.3.22-23h 
प्रत्ययुध्यंस्तु ते सर्वे भीमसेनं सपार्षतम्॥ २२॥
पार्थपार्षतयोश्चान्ये जगृहुस्तत्र नामनी।
 
 
अनुवाद
वे सभी योद्धा भी वीरतापूर्वक भीमसेन और धृष्टद्युम्न का सामना करने लगे। वहाँ उपस्थित अन्य अनेक योद्धा भीमसेन का नाम लेकर उन्हें चुनौती देने लगे।
 
All those soldiers also started to face Bhimasena and Dhrishtadyumna bravely. Many other warriors there started to challenge them by taking their names.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)