Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.3.21-22h: तब क्रोध में भरे हुए भीमसेन और द्रुपदपुत्र धृष्टद्युम्न ने अपनी चतुरंगिणी सेना की सहायता से उन्हें तितर-बितर कर दिया और बाणों से उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया। | mahabharat अध्याय 9.3: कर्णके मारे जानेपर पाण्डवोंके भयसे कौरव-सेनाका पलायन, सामना करनेवाले पचीस हजार पैदलोंका भीमसेनद्वारा वध तथा दुर्योधनका अपने सैनिकोंको समझा-बुझाकर पुन: पाण्डवोंके साथ युद्धमें लगाना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब क्रोध में भरे हुए भीमसेन और द्रुपदपुत्र धृष्टद्युम्न ने अपनी चतुरंगिणी सेना की सहायता से उन्हें तितर-बितर कर दिया और बाणों से उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया।
Then Bhimasena and Dhrishtadyumna, son of Drupada, filled with anger, dispersed them with the help of their four-fold army and wounded them severely with arrows.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥