श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 3: कर्णके मारे जानेपर पाण्डवोंके भयसे कौरव-सेनाका पलायन, सामना करनेवाले पचीस हजार पैदलोंका भीमसेनद्वारा वध तथा दुर्योधनका अपने सैनिकोंको समझा-बुझाकर पुन: पाण्डवोंके साथ युद्धमें लगाना  »  श्लोक 19-20h
 
 
श्लोक  9.3.19-20h 
तच्छ्रुत्वा कुरुराजस्य शूरार्यसदृशं वच:॥ १९॥
सूतो हेमपरिच्छन्नान् शनैरश्वानचोदयत्।
 
 
अनुवाद
कुरुराज दुर्योधन के ये वीरतापूर्ण वचन सुनकर सारथि ने सोने के आभूषणों से आच्छादित घोड़ों को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया ॥19 1/2॥
 
Hearing these heroic words of Kuru king Duryodhana, the charioteer slowly led the horses covered with gold ornaments forward. 19 1/2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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