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mahabharat 9.3.15-16h: भीमसेन के भय से सब सैनिकों को भागते देखकर दुर्योधन ‘हाय!’ चिल्लाकर अपने सारथि से इस प्रकार बोला -॥15 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 9.3: कर्णके मारे जानेपर पाण्डवोंके भयसे कौरव-सेनाका पलायन, सामना करनेवाले पचीस हजार पैदलोंका भीमसेनद्वारा वध तथा दुर्योधनका अपने सैनिकोंको समझा-बुझाकर पुन: पाण्डवोंके साथ युद्धमें लगाना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 3: कर्णके मारे जानेपर पाण्डवोंके भयसे कौरव-सेनाका पलायन, सामना करनेवाले पचीस हजार पैदलोंका भीमसेनद्वारा वध तथा दुर्योधनका अपने सैनिकोंको समझा-बुझाकर पुन: पाण्डवोंके साथ युद्धमें लगाना  »  श्लोक 15-16h
 
 
श्लोक  9.3.15-16h 
तान् प्रेक्ष्य द्रवत: सर्वान् भीमसेनभयार्दितान्॥ १५॥
दुर्योधनोऽथ स्वं सूतं हा हा कृत्वैवमब्रवीत्।
 
 
अनुवाद
भीमसेन के भय से सब सैनिकों को भागते देखकर दुर्योधन ‘हाय!’ चिल्लाकर अपने सारथि से इस प्रकार बोला -॥15 1/2॥
 
Seeing all the soldiers fleeing in fear of Bhimasena, Duryodhana cried out, 'Alas!' and said to his charioteer thus -॥ 15 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)