श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 3: कर्णके मारे जानेपर पाण्डवोंके भयसे कौरव-सेनाका पलायन, सामना करनेवाले पचीस हजार पैदलोंका भीमसेनद्वारा वध तथा दुर्योधनका अपने सैनिकोंको समझा-बुझाकर पुन: पाण्डवोंके साथ युद्धमें लगाना  »  श्लोक 11-12h
 
 
श्लोक  9.3.11-12h 
अश्वानन्ये गजानन्ये रथानन्ये महारथा:॥ ११॥
आरुह्य जवसम्पन्ना: पादातान् प्रजहुर्भयात्।
 
 
अनुवाद
भय के मारे कुछ महायोद्धा घोड़ों पर, कुछ हाथियों पर तथा कुछ रथों पर सवार होकर अपनी पैदल सेना को छोड़कर बड़ी तेजी से भाग गए।
 
Out of fear some great warriors rode on horses, others on elephants and some on chariots and leaving their infantry behind they fled with great speed. 11 1/2
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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