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श्री महाभारत
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पर्व 9: शल्य पर्व
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अध्याय 3: कर्णके मारे जानेपर पाण्डवोंके भयसे कौरव-सेनाका पलायन, सामना करनेवाले पचीस हजार पैदलोंका भीमसेनद्वारा वध तथा दुर्योधनका अपने सैनिकोंको समझा-बुझाकर पुन: पाण्डवोंके साथ युद्धमें लगाना
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श्लोक 1
श्लोक
9.3.1
संजय उवाच
शृणु राजन्नवहितो यथावृत्तो महान् क्षय:।
कुरूणां पाण्डवानां च समासाद्य परस्परम्॥ १॥
अनुवाद
संजय ने कहा: हे राजन! कौरवों और पाण्डवों के युद्ध में जो महान् संहार हुआ, उसकी कथा ध्यानपूर्वक सुनो॥1॥
Sanjaya said: O King! Listen carefully to the story of the great carnage that took place when the Kauravas and the Pandavas clashed. ॥1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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