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mahabharat 9.29.84: राजा युधिष्ठिर और वसुदेवनन्दन श्रीकृष्ण की अनुमति लेकर मुझे उन मन्त्रियों के साथ नगर में प्रवेश करना चाहिए; यही मुझे उचित कर्तव्य प्रतीत होता है ॥ 84॥   |   mahabharat अध्याय 9.29: बची हुई समस्त कौरव-सेनाका वध, संजयका कैदसे छूटना, दुर्योधनका सरोवरमें प्रवेश तथा युयुत्सुका राजमहिलाओंके साथ हस्तिनापुरमें जाना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 29: बची हुई समस्त कौरव-सेनाका वध, संजयका कैदसे छूटना, दुर्योधनका सरोवरमें प्रवेश तथा युयुत्सुका राजमहिलाओंके साथ हस्तिनापुरमें जाना  »  श्लोक 84
 
 
श्लोक  9.29.84 
प्राप्तकालमहं मन्ये प्रवेशं तै: सह प्रभुम्।
युधिष्ठिरमनुज्ञाय वासुदेवं तथैव च॥ ८४॥
 
 
अनुवाद
राजा युधिष्ठिर और वसुदेवनन्दन श्रीकृष्ण की अनुमति लेकर मुझे उन मन्त्रियों के साथ नगर में प्रवेश करना चाहिए; यही मुझे उचित कर्तव्य प्रतीत होता है ॥ 84॥
 
"After taking the permission of King Yudhishthira and Vasudevanandan Sri Krishna, I should enter the city along with those ministers; this seems to me the appropriate duty." ॥ 84॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)