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श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 29: बची हुई समस्त कौरव-सेनाका वध, संजयका कैदसे छूटना, दुर्योधनका सरोवरमें प्रवेश तथा युयुत्सुका राजमहिलाओंके साथ हस्तिनापुरमें जाना  »  श्लोक 77
 
 
श्लोक  9.29.77 
अपि चैषां भयं तीव्रं पार्थेभ्योऽभूत् सुदारुणम्।
प्रेक्षमाणास्तदान्योन्यमाधावन्नगरं प्रति॥ ७७॥
 
 
अनुवाद
वे कुन्तीपुत्रों से अत्यन्त भयभीत हो गये और एक-दूसरे की ओर देखते हुए नगर की ओर भागने लगे।
 
They were terribly and intensely frightened by the sons of Kunti. They looked at each other and started running towards the city. 77.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)