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mahabharat 9.29.74: महाराज! जिन राजसी स्त्रियों को महलों में रहते हुए सूर्यदेव ने भी नहीं देखा होगा, उन्हें नगर की ओर जाते हुए आम लोग भी देख रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 9.29: बची हुई समस्त कौरव-सेनाका वध, संजयका कैदसे छूटना, दुर्योधनका सरोवरमें प्रवेश तथा युयुत्सुका राजमहिलाओंके साथ हस्तिनापुरमें जाना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 29: बची हुई समस्त कौरव-सेनाका वध, संजयका कैदसे छूटना, दुर्योधनका सरोवरमें प्रवेश तथा युयुत्सुका राजमहिलाओंके साथ हस्तिनापुरमें जाना  »  श्लोक 74
 
 
श्लोक  9.29.74 
अदृष्टपूर्वा या नार्यो भास्करेणापि वेश्मसु।
ददृशुस्ता महाराज जना याता: पुरं प्रति॥ ७४॥
 
 
अनुवाद
महाराज! जिन राजसी स्त्रियों को महलों में रहते हुए सूर्यदेव ने भी नहीं देखा होगा, उन्हें नगर की ओर जाते हुए आम लोग भी देख रहे थे।
 
Maharaj! The royal ladies whom even the Sun God must not have seen while residing in the palaces, were being seen by the common people also while going towards the city. 74.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)